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तुलसीदास जी के साहित्य का शिक्षा में अनुप्रयोग
तुलसीदास जी के साहित्य का शिक्षा में अनुप्रयोग
Author Name :- Meena Tiwari,Dr. Sapna Joshi,
Journal type:- IJCRI-International journal of Creative Research & Innovation
Research Field Area :- Department of Education ; Volume 9, Issue 2, No. of Pages: 6
Your Research Paper Id :- 2026010216
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आधुनिक शिक्षा और जीवन में भी तुलसी साहित्य के गुरू – शिष्य परम्परा और नैतिक मूल्यों को अपनाया जा रहा है। आज के समय में भी राम जैसे आदर्श चरित्र से प्रेरणा लेकर नैतिक और सांस्कृतिक मूल्यों को बढ़ावा दिया जा रहा है। तुलसी साहित्य में शिष्य का स्वरूप गुरू के प्रति समर्पण, आदर्श आचरण और लोक कल्याण के मार्ग पर चलने वाले व्यक्ति का प्रतीक है, जो आज भी जीवन मूल्यों का आधार है।
तुलसी साहित्य का शिक्षा में अनुप्रयोग व्यक्ति के सर्वांगीण विकास, नैतिक मूल्यों, सामाजिक सद्भाव का लोक कल्याण पर केन्द्रीत है। रामचरित मानस तक आदर्श शिक्षाप्रद ग्रंथ है, जो भक्ति, कर्म, नारी सम्मान और सरलता से जीवन जीने का मार्ग दिखाता है। तुलसी साहित्य आज भी शिक्षा को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखकर, चरित्र निर्माण और व्यावहारिक जीवन के लिए प्रेरणा देता है।
Keywords :-
तुलसीदास जी, साहित्य , शिक्षा में अनुप्रयोग
References :-
राय, पारस नाथ (1993), अनुसंधान परिचय, सप्तम संकरण, “लक्ष्मीनारायण अग्रवाल”, आगरा।
Burns, R.B. (2000), Introduction to Research
https://www.shodhganga.co.in
www.iiste.org/Journals
https://books.google.co.in
https://en.wikipedia.org/wiki/Educational_research