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मुनि वेद व्यास की पावन वाणी, लीला प्रभु की जिसने जानी।
सब पापों को धोने वाली, सरिता है ये भक्तिज्ञान की।।
शुक्रदेव मुनि ने जिसको गाया, कलयुग में यह मार्ग बताया।
हरि चरणों में शरण दिलाती, नौका है, बैकुण्ठ धाम की।।
मोह ममता को दूर हटाती, सबको प्रभु का मार्ग दिखाती।
भव बन्धन से मुक्त कराती, नौका ऐसी महाप्रयाण की।।
महाभारत हिन्दुओं का प्रमुख काव्य ग्रंथ हैं। रामायण को संस्कृत साहितय का आदिकाव्य कहा जाता है तथा महाभारत को इतिहास ग्रंथ। यह विश्व साहित्य का विशाल ग्रंथ है। इसकी मुख्य घटना कौरवों और पाण्डवों का युद्ध हैं। महाभारत का सर्वश्रेष्ठ भाग श्रीमद्भगवद्गीता है जिसमें श्रीकृष्ण अर्जुन को जीवन का पूर्ण दर्शन बोध करवाते हैं। महाभारत सत्यवती और पाराशर के पुत्र श्रीकृष्ण द्वैपायन वेद व्यास द्वारा रचित हैं।

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